सन् 1918 में माहेश्वरी समाज, जोधपुर के सद्प्रयासों से स्थापित यह विद्यालय पश्चिमी राजस्थान का एक महत्वपूर्ण और गौरवपूर्ण शिक्षण संस्थान है। इस संस्थान से पढ़कर निकले विद्यार्थियों का एक वृहद समुदाय, जो देश - विदेश के विभिन्न क्षेत्रों में सर्वोच्च शिखर पर है, इस संस्थान के छात्रों ने चिकित्सा , न्याय , प्रशासन , पुलिस , सेना , व्यवसाय शिक्षा तकनिकी अभियांत्रिकी आदि क्षेत्रों में अपनी गहरी पैठ बनाई है। इस विद्यालय के शैक्षणिक वातावरण ने उनके व्यक्तित्व का निर्माण किया।
प्रवेश से लेकर परीक्षा तक यह विद्यालय सदैव विद्यार्थियों के हित के लिए सक्रिय रहता है। विज्ञान, वाणिज्य और कला की शिक्षा इस विद्यालय की विशिष्टता दिलाती है। विद्यालय के विद्यार्थियों ने खेलकूद , NCC Scout में महत्वपूर्ण कार्य कर एवं स्पार्धाओं मे विजेता बनकर विद्यालय का चहुँमुखी विकास किया है।
शिक्षा यह मंदिर हमारी लगन, निष्ठा एवं अनुशसन से पुष्पित-पल्लवित होता है। मै छात्रों से यह आशा करता हूँ कि हमारे परिसर को व इस सुन्दर वातावरण को अपनी लगन, निष्ठा एवं अनुशासन से अति महत्वपूर्ण बनायेंगे। विद्यालय की वर्ष भर की बहुआयामी गतिविधियों का आंकलन एवं विद्यालय की अनवरत प्रगति के संदर्भ में हमारा प्रबुद्व वर्ग सही मूल्यांकन कर सकेगा। ऐसा मरेा विष्वास है।